6 अक्टूबर व्रत,7 अक्टूबर पारण। नई दिल्ली:6:17–8:38सुबह;ISKCON वृंदावन:6:16–10:09सुबह।
संपादकीय तुलना: द्रिक पञ्चाङ्ग, नई दिल्ली और ISKCON वृंदावन। समय संबंधित स्थान के स्थानीय समय (IST) में है; दोनों अवधियाँ जोड़ी नहीं गई हैं। चित्र बड़ा करके देखें ↗

इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को और पारण बुधवार, 7 अक्टूबर को है। नई दिल्ली के लिए द्रिक पञ्चाङ्ग में पारण सुबह 6:17 से 8:38 बजे दिया गया है। ISKCON वृंदावन की अपनी सूचना में सुबह 6:16 से 10:09 बजे तक का स्थानीय समय है। इन्हें एक ही स्थान की दो समान समय-सारिणियाँ न समझें।

त्योहार से एक दिन पहले “एकादशी कब है” खोजने वाले पाठक के लिए तारीख के साथ स्थान और परंपरा भी जरूरी हैं। नीचे का चित्र दोनों स्रोतों को अलग रखता है; इनका औसत निकालकर नया पारण समय बनाना सही तरीका नहीं होगा।

तिथि का अंत और पारण एक ही बात नहीं

द्रिक पञ्चाङ्ग की नई दिल्ली गणना में एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को रात 2:07 बजे शुरू होकर 7 अक्टूबर को रात 12:34 बजे समाप्त होती है। यह 00:34 है, दोपहर 12:34 नहीं। पारण व्रत समाप्त करने का समय है और इस सूची में वह अगली सुबह दिया गया है।

इसलिए तिथि समाप्त होने का समय देखकर आधी रात को ही पारण का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। कैलेंडर में व्रत की तारीख, तिथि की अवधि और पारण की अवधि तीन अलग प्रविष्टियाँ हैं।

वृंदावन की सूचना क्या कहती है

ISKCON वृंदावन भी व्रत 6 अक्टूबर और पारण 7 अक्टूबर बताता है। संस्था इस दिन को पूर्वजों के स्मरण, प्रार्थना, कीर्तन और सेवा से जोड़ती है। यह धार्मिक परंपरा का विवरण है, किसी आध्यात्मिक परिणाम का समाचार-आधारित प्रमाण नहीं।

संस्था की पारण अवधि को दिल्ली की अवधि से अलग रखने का कारण साफ है: दोनों सूचनाओं के स्थान और पालन-संदर्भ अलग हैं। उपलब्ध पृष्ठों से इस अंतर का पूरा गणना-कारण प्रमाणित नहीं होता; इसे केवल सूर्योदय के अंतर का परिणाम कहना भी उचित नहीं होगा।

अपनी जगह की सूची कैसे देखें

नीचे द्रिक पञ्चाङ्ग का लिंक नई दिल्ली और 2026 के साथ दिया है। किसी दूसरे शहर के लिए शहर वाला बॉक्स बदलें, वर्ष देखें और फिर व्रत तथा पारण दोनों पंक्तियाँ पढ़ें। यदि आप किसी मंदिर की परंपरा मानते हैं तो उसकी स्थानीय सूचना को साथ रखें।

याद रखने योग्य बात तारीखों का क्रम है: 6 को व्रत, 7 को पारण। घड़ी का समय उसी शहर और पालन-पद्धति से लें जिसे आप वास्तव में अपना रहे हैं। स्क्रीनशॉट साझा करते समय शहर तथा स्रोत काट देने से उपयोगी जानकारी भ्रामक बन सकती है।

स्रोत और संदर्भ

नीचे स्रोत और स्थान अलग दिए हैं। धार्मिक परंपरा का विवरण तथ्यात्मक समय-सारणी से अलग पढ़ें।

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