परिवार में बंटवारा हो जाने से प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 का लाभ अपने आप अलग नहीं मिल जाता। आधिकारिक FAQ में लाभार्थी परिवार का अर्थ पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे है। पात्रता में परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान न होना और पिछले 20 वर्षों में किसी सरकारी आवास योजना का लाभ न लेना जैसी शर्तें भी हैं। आवेदन भरना भी मंजूरी नहीं है; संबंधित संस्था को पात्रता सत्यापित करनी होती है।
यह सवाल 26 अक्टूबर 2026 की ABP News रिपोर्ट में उठा कि परिवार अलग होने के बाद क्या अलग सहायता मिल सकती है। 27 अक्टूबर को हमने मंत्रालय के मौजूदा FAQ और आवेदन-पूर्व निर्देशों से शहरी 2.0 योजना की स्थिति मिलाई। यह 2024–2029 की योजना है और शहरी परिवारों के लिए है। परिवार के बंटवारे पर कोई नया अक्टूबर नियम घोषित होने की पुष्टि इन दस्तावेजों से नहीं हुई। ग्रामीण PMAY-G को इसी लेख की शर्तों के साथ नहीं मिलाना चाहिए।
बंटवारे से अलग हैं परिवार और पात्रता की शर्तें
पहला फर्क संपत्ति के बंटवारे और योजना के लाभार्थी परिवार के बीच है। किसी बड़े संयुक्त परिवार का अलग रहना अपने आप यह साबित नहीं करता कि हर नया आवेदन सभी शर्तों पर खरा उतरता है। आधिकारिक परिभाषा के अनुसार पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों की स्थिति साथ देखनी होगी। इनमें किसी के नाम पक्का मकान होने का सवाल केवल नए पते तक सीमित नहीं है; FAQ पूरे देश में स्वामित्व की बात करता है।
दूसरी जांच पिछली सहायता और आय की है। केंद्र, राज्य या स्थानीय निकाय की आवास योजना का पिछले 20 वर्षों में लाभ लेने वाले आवेदक PMAY-U 2.0 के लिए पात्र नहीं हैं। आवेदन निर्देशों में EWS, LIG और MIG के लिए वार्षिक आय की अधिकतम सीमाएं क्रमशः ₹3 लाख, ₹6 लाख और ₹9 लाख दी गई हैं। हर घटक सभी आय वर्गों के लिए नहीं है; केवल आय सीमा के भीतर होना अपने आप सभी प्रकार की सहायता का अधिकार नहीं देता।
सही घटक चुनें, फिर दस्तावेज तैयार करें
योजना में अपनी जमीन पर निर्माण के लिए BLC, साझेदारी में आवास के लिए AHP, किराये के आवास के लिए ARH और गृहऋण पर ब्याज सहायता के लिए ISS हैं। आवेदन पोर्टल के निर्देश कहते हैं कि एक घटक चुनने के बाद उसे बाद में बदला नहीं जा सकता। इसलिए अपना मकान बनाना, खरीदना या किराये का आवास लेना—इन जरूरतों को आवेदन से पहले स्पष्ट करना उपयोगी है। संदेह होने पर संबंधित नगर निकाय या योजना के सहायता केंद्र से घटक समझें।
आधिकारिक FAQ के मुताबिक आवेदन एकीकृत PMAY-U 2.0 पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर या रहने वाले क्षेत्र के नगर निकाय/नगरपालिका के जरिए किया जा सकता है। आधार की प्रति, बैंक खाते का विवरण और पात्रता संबंधी घोषणा तैयार रखें; BLC में जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज भी लगते हैं। राज्य, नगर निकाय या संबंधित ऋण संस्था अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकती है। नया राशन कार्ड या अलग पता अकेला स्वीकृति का प्रमाण मानना सही नहीं होगा।
आधिकारिक रास्ते से आवेदन और सत्यापन
ऑनलाइन शुरुआत नीचे दिए मंत्रालय के आवेदन-पूर्व निर्देश पेज से होती है। वहां हिन्दी में चारों घटकों और पात्रता सत्यापन की चेतावनी पढ़कर ही आगे बढ़ें। पोर्टल के मुख्य मेनू में आवेदन की स्थिति देखने का विकल्प भी है। यदि निवास शहरी और ग्रामीण सीमा पर है, तो FAQ के अनुसार क्षेत्राधिकार तय करता है कि PMAY-G या PMAY-U 2.0 में से कौन सी योजना लागू होगी; दोनों को एक ही लाभ की दो स्वतंत्र राहें न समझें।
इसलिए बंटवारे के बाद सही अगला कदम परिवार के सदस्यों, उनके मकान के स्वामित्व, पिछली सरकारी आवास सहायता और चुने हुए घटक की शर्तों को एक साथ देखना है। यह जांच तय करेगी कि आवेदन में कौन सी वास्तविक जानकारी देनी है; अंतिम स्वीकृति संबंधित प्राधिकारी के सत्यापन पर निर्भर है। आगे कोई बदलाव आए तो मंत्रालय के FAQ और उसी योजना के अद्यतन निर्देश देखें, केवल सामान्य “PM आवास” शीर्षक वाले दावे पर निर्भर न रहें।
27 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक FAQ और आवेदन-पूर्व निर्देशों से मिलान किया गया। यह PMAY-U 2.0 की शहरी योजना की जानकारी है; व्यक्तिगत पात्रता की स्वीकृति नहीं।
- आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय: PMAY-U 2.0 FAQs ↗
- PMAY-U 2.0: आवेदन से पहले आधिकारिक निर्देश ↗
- ABP News: परिवार के बंटवारे का प्रश्न, 26 अक्टूबर 2026 ↗